ढाई साल से चल रहे सूडान गृहयुद्ध ने देश को नरक बना दिया है। जानिए कैसे आरएसएफ और सेना की लड़ाई ने लाखों लोगों की जान ली और सूडान को तबाह कर दिया।

सूडान: खून और खौफ में डूबा अफ्रीका का देश
कभी अफ्रीका का मोती कहा जाने वाला सूडान आज खून, भूख और हिंसा के दलदल में फंस चुका है। ढाई साल से जारी गृहयुद्ध Sudan Civil War 2025 ने यहां की मिट्टी को लाशों से भर दिया है।
लोग जानवरों का चारा खाने को मजबूर हैं और महिलाओं के साथ हो रही दरिंदगी ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है।
गृहयुद्ध की शुरुआत कैसे हुई?
यह कहानी शुरू होती है अप्रैल 2023 में, जब सूडान की सेना (SAF) और अर्धसैनिक बल (RSF) के बीच सत्ता को लेकर संघर्ष छिड़ गया।
शुरुआती झड़पें धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गईं। अब तक हजारों लोगों की मौत और लाखों की विस्थापन की खबरें आ चुकी हैं।
RSF क्या है और कैसे बना सूडान का सबसे ताकतवर बल?
RSF (Rapid Support Forces) की जड़ें 2000 के दशक की जंजावीद मिलिशिया से जुड़ी हैं — वही संगठन जिसने दारफुर क्षेत्र में भयावह नरसंहार किया था।
तब सरकार ने विद्रोहियों को कुचलने के लिए इन्हें इस्तेमाल किया था, जिससे करीब 3 लाख लोग मारे गए।
2013 में इसी जंजावीद को आधिकारिक तौर पर RSF का रूप दिया गया।
2017 में सूडान की संसद ने कानून पास कर RSF को स्वतंत्र सुरक्षा बल घोषित कर दिया — और तभी से इसके हाथ में असीमित ताकत आ गई।
मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं जैसे Human Rights Watch और UN ने RSF पर लगातार आरोप लगाए हैं —
- नागरिकों की सामूहिक हत्या
- महिलाओं से बलात्कार
- गांवों को जलाना
- अस्पतालों और राहत शिविरों पर हमले
अक्टूबर 2024 में आरएसएफ ने सूडान के एक अस्पताल में घुसकर सैकड़ों मरीजों और डॉक्टरों की हत्या कर दी।
यह घटना इस बल की निर्ममता का ताजा उदाहरण है।
भूख और बेबसी का नरक: जब इंसान जानवरों का खाना खाने लगा
ढाई साल के इस संघर्ष ने देश की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति तंत्र को पूरी तरह तोड़ दिया है।
अंतरराष्ट्रीय संस्था IPC (Integrated Food Security Phase Classification) ने कहा है कि सूडान के दो बड़े शहर —
अल-फशीर और काडूगली — अब अकालग्रस्त क्षेत्र घोषित किए गए हैं।
18 महीनों की घेराबंदी के कारण इन इलाकों में लोग सूखी घास, जानवरों की खाल और चारा खाकर जिंदा हैं।
भूख अब यहां का सबसे बड़ा हत्यारा बन चुकी है।
300 महिलाओं के साथ बर्बरता: मानवता का अंतसूडान की सामाजिक कल्याण मंत्री सलमा इसहाक ने खुलासा किया कि अल-फशीर में आरएसएफ लड़ाकों ने दो दिनों में 300 महिलाओं का बलात्कार कर हत्या कर दी।यह खबर पूरी दुनिया में सुर्खियों में रही और अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) ने जांच शुरू कर दी है।ये घटनाएं बताती हैं कि सूडान अब सिर्फ एक युद्ध नहीं, बल्कि एक मानवीय त्रासदी का प्रतीक बन चुका है।